राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 अक्टूबर को जगदलपुर आएंगी

Chhattisgarh Crimesराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 अक्टूबर को जगदलपुर आएंगी। बस्तर प्रवास के दौरान वे बस्तर दशहरा के तहत आयोजित ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। यहां वे मांझी-चालकी समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगी। इसके बाद लालबाग मैदान में आयोजित आमसभा को संबोधित करेंगी।

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बस्तर सांसद और दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बस्तर दशहरा में शामिल होने का न्योता दिया था। राष्ट्रपति ने यह न्योता स्वीकार कर लिया है। इसके बाद अब उनका 23 अक्टूबर को जगदलपुर आने का कार्यक्रम तय हुआ है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रवास को लेकर कलेक्टर आकाश छिकारा और SP शलभ सिन्हा ने कलेक्ट्रेट के प्रेरणा कक्ष में अधिकारियों की बैठक ली। इसमें सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल, बैठक व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजामों की समीक्षा की गई। दोनों अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समय से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

लालबाग मैदान का किया निरीक्षण

बैठक के बाद कलेक्टर और एसपी ने लालबाग मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी और आम लोगों के आने-जाने के रास्तों, पेयजल, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और पार्किंग की व्यवस्था का जायजा लिया।

कलेक्टर ने कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, एसपी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया।

मुरिया दरबार क्यों लगता है?

बस्तर रियासत के समय राजा दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते थे। गांवों के मांझी और मुखिया अपने क्षेत्र की शिकायतें और जरूरतें राजा तक पहुंचाते थे। बस्तर दशहरा का अहम हिस्सा मुरिया दरबार दशहरा निर्विघ्न पूरा होने के बाद लगाया जाता था। इसमें राजा लोगों की समस्याएं सुनते थे।

देश में राजशाही खत्म होने और लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू होने के बाद भी यह परंपरा जारी है। अब मुरिया दरबार में प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में क्षेत्र की समस्याओं, मांगों और दूसरे मुद्दों पर चर्चा होती है। इस दौरान राज परिवार के सदस्य भी मौजूद रहते हैं।

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