
राहत की बात यह है कि 50 हजार रुपए तक की होल्ड रकम वापस पाने के लिए पात्र मामलों में FIR और कोर्ट के आदेश की कॉपी के बिना भी आवेदन किया जा सकता है। यानी हर मामले में रकम वापस पाने के लिए कोर्ट जाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, आवेदन मिलने के बाद शिकायत और जरूरी जानकारी की जांच की जाएगी। इसके बाद तय प्रक्रिया के अनुसार रकम लौटाने पर फैसला लिया जाएगा।
शिकायत नंबर संभालें: cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने के बाद मिलने वाला 14 अंकों का नंबर नोट कर लें।
MRM पोर्टल खोलें: mrm-ncrp.mha.gov.in पर जाकर ‘Raise Refund Request’ विकल्प चुनें।
जानकारी भरें: शिकायत नंबर दर्ज कर OTP से सत्यापन करें। इसके बाद मांगी गई बैंक संबंधी जानकारी और जरूरी दस्तावेज दें।
आवेदन का नंबर रखें: आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाली Request ID संभालकर रखें। इससे आवेदन की स्थिति पता करने में मदद मिलेगी।
रकम होल्ड होने का मतलब क्या है ?
साइबर ठगी की शिकायत मिलने पर जांच के दौरान संबंधित बैंक खाते में मौजूद रकम को होल्ड किया जा सकता है। इसके बाद पीड़ित MRM पोर्टल के जरिए रकम वापस पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, रकम होल्ड होने का मतलब यह नहीं है कि वह अपने आप पीड़ित को वापस मिल जाएगी।
इसके लिए आवेदन और जरूरी जानकारी की जांच के बाद तय प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पुलिस की सलाह है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें। जल्दी शिकायत करने से ठगी की रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है।