इस बार रायपुर में रावण का पुतला बनाने की लागत में करीब 15 से 20% की बढ़ोतरी हुई

Chhattisgarh Crimesइस बार रायपुर में रावण का पुतला बनाने की लागत में करीब 15 से 20% की बढ़ोतरी हुई है। क्योंकि बांस, कागज, रंगीन कागज, कपड़ा, पेंट और सजावट में इस्तेमाल होने वाले दूसरे सामान की बढ़ती कीमतों की वजह से लागत बढ़ गई है।

20 अक्टूबर को दशहरा पर कई मैदानों में रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। WRS मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन मुख्य आकर्षण रहेगा। बोरियाखुर्द में रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले भी जलाए जाएंगे।

बूढ़ापारा के सप्रे स्कूल मैदान में 50 फीट का रावण जलेगा, जबकि शंकर नगर के बीटीआई मैदान में दशहरा उत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। अलग-अलग जगहों पर भजन, रामलीला और आतिशबाजी के कार्यक्रम होंगे।

डब्ल्यूआरएस मैदान में रावण दहन देखने के लिए करीब 5 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। यहां 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच किया जाएगा। भगवान श्रीराम के स्वरूप द्वारा अग्निबाण चलाकर रावण दहन किया जाएगा।बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, पार्किंग और यातायात व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। मैदान में पेयजल, रोशनी, मोबाइल शौचालय, प्राथमिक इलाज केंद्र और एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी।

बोरियाखुर्द में रामलीला और भजन होंगे आकर्षण

बोरियाखुर्द के खेल मैदान में दशहरा सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान 45 फीट ऊंचे रावण, 30-30 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। दिन में पतंग उत्सव होगा। दोपहर 4 बजे सांस्कृतिक नृत्य और योग प्रदर्शन होंगे।

शाम 5 बजे भगवान श्रीराम, माता सीता की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन किया जाएगा। शाम 5:30 बजे रामलीला का मंचन होगा। इसके बाद पुतलों का दहन और आतिशबाजी होगी। रात 8 बजे उज्जैन के भजन गायक सन्नी अलबेला और उनकी टीम भजनों की प्रस्तुति देगी।

रायपुर के रावणभाठा मैदान में भी नगर निगम की ओर से यहां पुतला दहन कार्यक्रम के लिए साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल और अग्निशमन जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचते हैं।

सप्रे स्कूल मैदान में शाम 6 बजे जलेगा 50 फीट का रावण

बूढ़ापारा स्थित सप्रे स्कूल मैदान में शाम 4 बजे से भजन जेमिंग के साथ उत्सव शुरू होगा। इसमें स्थानीय और अन्य भजन गायक भगवान श्रीराम और माता दुर्गा के भक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे। शाम 6 बजे श्रीराम-लक्ष्मण की झांकी के जरिए 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

इसके बाद शाम 6:30 बजे आतिशबाजी होगी। बूढ़ापारा दशहरा उत्सव समिति पिछले 15 वर्षों से यहां आयोजन कर रही है। समिति की ओर से लोगों के बैठने, मंच और रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।