
कांग्रेस की ओर से बांटे गए पर्चे में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। साथ ही मतदाता सूची की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई आपत्तियां दर्ज की गईं और मांगें रखी गईं।
पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर गंभीर सवाल हैं। पर्चे में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर भी आपत्ति जताई गई। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतंत्र की बुनियाद है।
कांग्रेस की प्रमुख मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की। कांग्रेस ने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे संदिग्ध नाम जुड़ने और वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने की आशंका है।
पार्टी ने कथित तौर पर हटाए गए 13.3 करोड़ नामों से जुड़ी प्रक्रिया पर रोक लगाने, सभी नामों का सत्यापन करने और पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने की मांग की। कांग्रेस ने मतदाता सूची का पूरा डिजिटल डेटा उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि सभी राजनीतिक दल और नागरिक सूची की वास्तविक स्थिति देख सकें।
लोगों के बीच बांटे 500 पर्चे
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शाखा यादव ने बताया कि दशहरे पर रावण दहन देखने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसे देखते हुए सत्तीगुड़ी चौक और आसपास के इलाकों में करीब 500 पर्चे बांटे गए।
उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के जरिए मतदाताओं के अधिकार, लोकतंत्र की गरिमा और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की रक्षा के लिए जनजागरूकता का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।