
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि ट्रैक्टरों में लगाए जाने वाले लोहे के रिंग अथवा दोहरे पिंजरे केवल कृषि कार्य, विशेषकर खेतों में उपयोग के लिए बनाए जाते हैं। इन्हें हटाए बिना सार्वजनिक मार्गों पर ट्रैक्टर चलाना नियमों के विपरीत है। ऐसे पहियों के कारण सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त होती हैं तथा अन्य वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को विशेष जांच अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उड़नदस्ता दल द्वारा जिले के विभिन्न मार्गों पर नियमित जांच की जाएगी। जांच के दौरान लोहे के रिंग लगे ट्रैक्टर सड़क पर संचालित पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
समस्त कृषकों एवं ट्रैक्टर मालिकों से अपील की गई है कि कृषि कार्य समाप्त होने के बाद ट्रैक्टरों के पहियों से लोहे के रिंग एवं दोहरे पिंजरे अनिवार्य रूप से हटा दें तथा सार्वजनिक सड़कों पर केवल रबर टायर वाले ट्रैक्टरों का ही संचालन करें। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा एवं सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।