
इसमें मुख्यमंत्री, कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों का ध्यान तकनीकी खामियों और किसानों को होने वाली संभावित परेशानी की ओर दिलाया गया। इधर, पटवारियों की हड़ताल जारी रहने से राजस्व विभाग का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सर्वे में दर्ज जानकारी और खेतों की वास्तविक स्थिति में अंतर होने की आशंका है। कुछ जगह फसल वाली जमीन को पड़त और पड़त जमीन को फसल वाली भूमि के रूप में दर्ज किया जा सकता है।
संघ का कहना है कि गलत प्रविष्टियों से किसानों को धान खरीदी, फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा राहत और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इससे आर्थिक नुकसान की आशंका भी है।
DCS और PV ऐप की कार्यप्रणाली पर सवाल
संघ ने DCS और PV ऐप में तकनीकी समस्याओं, डेटा अपलोड करने और गलत प्रविष्टियों में सुधार की प्रक्रिया पर चिंता जताई। संघ के अनुसार, सर्वे तकनीक, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था में सुधार जरूरी है।
ज्ञापन में वर्ष 2023 के नक्शों के आधार पर सर्वे करने और खेतों की वर्तमान स्थिति में अंतर होने की आशंका भी जताई गई। संघ ने मांग की कि किसानों को अपने खाते में दर्ज फसल संबंधी जानकारी देखने और गलत प्रविष्टियों में सुधार कराने की सुविधा दी जाए।