
पर्व को लेकर महिलाओं में सुबह से ही विशेष उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने सोलह शृंगार कर शाम के समय विधि-विधान से माता करवा की पूजा-अर्चना की और व्रत की कथा सुनी।चंद्रोदय के बाद चलनी से चंद्रमा के दर्शन कर और अर्घ्य देकर सुहागिनों ने अपने पतियों की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की मंगल कामना की। इसके बाद पतियों के हाथों जल ग्रहण कर महिलाओं ने अपना निर्जला व्रत खोला।
दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित योगेश शर्मा ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाने वाला करवा चौथ का यह व्रत वैवाहिक रिश्तों में मिठास और पारिवारिक एकता का संदेश देता है। इस पूरे आयोजन के दौरान गरियाबंद जिले मैनपुर क्षेत्र में पर्व को लेकर गजब का उत्साह और धार्मिक माहौल बना रहा।