छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दूसरे दिन एयर शो के दौरान आकाशगंगा टीम के 8 जवानों ने C-295 विमान से करीब 8 हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट के जरिए छलांग लगाई। जवानों ने हवा में संतुलन बनाते हुए पैराशूट की मदद से सुरक्षित लैंडिंग की।
इसके बाद MI-17 हेलिकॉप्टर से वायुसेना के जवानों ने स्लिथरिंग का प्रदर्शन किया। इस तकनीक में जवान रस्सी के सहारे हेलिकॉप्टर से तेजी से नीचे उतरते हैं। इसका इस्तेमाल विशेष अभियानों में जवानों को मुश्किल जगहों पर उतारने के लिए किया जाता है।
MI-17 हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल सैन्य अभियानों के साथ बाढ़ और अन्य आपात स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के लिए भी किया जाता है।
सारंग टीम ने भी दिखाए थे हैरतअंगेज करतब
1 नवंबर को भी सारंग टीम के पांचों हेलिकॉप्टरों ने एक साथ उड़ान भरकर आसमान में अलग-अलग फॉर्मेशन बनाए। हेलिकॉप्टरों के बीच सटीक तालमेल, नजदीकी उड़ान और एक साथ दिशा बदलने के करतब दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। रंगीन धुएं के बीच हेलिकॉप्टरों ने आसमान में कई खूबसूरत आकृतियां बनाईं।
MI-17 से रस्सी के सहारे उतरे जवान
एयर शो के दौरान MI-17 हेलिकॉप्टर से जवानों ने रस्सी के सहारे जमीन पर उतरने का प्रदर्शन किया। इस तकनीक का इस्तेमाल विशेष परिस्थितियों में जवानों को तेजी से किसी स्थान पर पहुंचाने के लिए किया जाता है।
युवाओं को वायुसेना के कामकाज से परिचित कराने की पहल
एयर शो के जरिए लोगों को भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण, तकनीक और कार्यक्षमता से परिचित कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को वायुसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 700 से 800 पुलिस जवानों की तैनाती की गई।
बड़ी संख्या में पहुंचे लोग, जवानों का साहस और कौशल देखा इस तरह राज्योत्सव 2026 के तहत भारतीय वायु सेना की ओर से नवा रायपुर स्थित सेंध झील के ऊपर आयोजित दो दिवसीय हवाई प्रदर्शन का सोमवार को समापन हुआ। समापन समारोह में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, उपमुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने वायु सेना के जवानों का साहस, अनुशासन और हवाई कौशल देखा