बेमेतरा जिले के ग्राम खर्रा में दूषित पानी की समस्या को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने चक्काजाम किया। बेरला जनपद पंचायत उपाध्यक्ष शुभम वर्मा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर करीब 4 घंटे तक आवाजाही बंद रही।
सूचना मिलने पर बेरला थाना पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे दूषित पानी की निकासी रोकने और जिम्मेदार संस्थानों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि सोरला चौक स्थित गणपति राइस मिल और यूनिवर्सल पोल्ट्री फार्म से निकलने वाला गंदा पानी नहर में छोड़ा जा रहा है। नहर के रास्ते यह पानी गांव के तालाबों तक पहुंच रहा है, जिससे जलस्रोत दूषित हो रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, इससे पीने के पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। खेतों की फसलें खराब हो रही हैं और मवेशियों की मौत की समस्या भी सामने आ रही है। गंदे पानी से उठने वाली बदबू से भी लोग परेशान हैं।
बेरला जनपद पंचायत उपाध्यक्ष शुभम वर्मा ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सल पोल्ट्री फार्म से पिछले 3-4 साल से और गणपति राइस मिल से करीब एक साल से नहर में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है।
इस समस्या को लेकर कुछ दिन पहले एसडीएम कार्यालय में भी शिकायत की गई थी। उनके अनुसार, संबंधित विभाग ने जांच के बाद नोटिस जारी किया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
शुभम वर्मा ने कहा कि शिकायतों के बाद भी दूषित पानी की निकासी बंद नहीं हुई। इसी वजह से ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ा। उनकी मांग है कि नहर में गंदा पानी छोड़ने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि गांव के तालाब, पेयजल स्रोत और खेत दूषित होने से बच सकें।