
जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर जिले के कल्याणपुर निवासी सीताराम गोंड़ की पत्नी से विवाद होने के बाद वह अपनी दो साल की बच्ची के साथ मायके चली गई थी। उसका मायका बलरामपुर जिले के छिंदिया में है। वह कुछ दिनों से बरियों के एक होटल में काम कर रही थी। करीब 10 दिन पहले वह बच्ची निर्मला को अपने साथ होटल ले गई थी।
होटल के बाहर खेल रही बच्ची को कुत्ते ने काटा
दो साल की निर्मला होटल के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान एक कुत्ते ने उसके गले और होंठ पर काट लिया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। बच्ची को एंटी रेबीज के तीन डोज भी दिए गए, लेकिन दो दिन पहले उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
इसके बाद गुरुवार को बच्ची को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
10 दिनों में दूसरी मौत
पिछले 10 दिनों में कुत्ते के काटने से रेबीज फैलने से यह दूसरी मौत है। इससे पहले सूरजपुर जिले के ओड़गी ब्लॉक के मोहरसोप निवासी संत कुमार के साढ़े तीन साल के बेटे को 1 अक्टूबर को कुत्ते ने काट लिया था। परिजन उसे इलाज के लिए मोहरसोप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लेकर पहुंचे थे। वहां से उसे जिला अस्पताल सूरजपुर रेफर किया गया था।
इसके बाद परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर रामानुज विश्वकर्मा से उसका इलाज कराया। इस दौरान बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार 17 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई।
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. सीके मिश्रा ने बताया कि कुत्ते के काटने के तुरंत बाद एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। इससे रेबीज का वायरस फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक बार शरीर में रेबीज का वायरस फैलने के बाद इसका इलाज संभव नहीं है।