दीपावली के बाजार में मिट्टी के दीये और पारंपरिक सजावटी सामान बेचने के लिए आने वाले कुम्हारों को इस बार जगह के लिए भटकना नहीं पड़ेगा

Chhattisgarh Crimesदीपावली के बाजार में मिट्टी के दीये और पारंपरिक सजावटी सामान बेचने के लिए आने वाले कुम्हारों को इस बार जगह के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। रायपुर जिला प्रशासन ने उनके लिए शहर में दुकान लगाने की उचित व्यवस्था करने की तैयारी की है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में कुम्हारों को पसरा लगाने के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें सामान बेचने में परेशानी न हो।

दीपावली के दौरान रायपुर के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में कुम्हार परिवार मिट्टी के दीये और दूसरी पारंपरिक सामग्री लेकर शहर आते हैं। सालभर की मेहनत के बाद त्योहार के समय होने वाली बिक्री से ही उन्हें अच्छी कमाई का मौका मिलता है। ऐसे में प्रशासन चाहता है कि उन्हें बाजार में उचित जगह मिले और सामान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

स्थानीय कुम्हारों से दीये खरीदने की अपील

कलेक्टर ने शहर के लोगों से भी अपील की है कि इस दीपावली स्थानीय कुम्हारों से मिट्टी के दीये खरीदें। उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीये हमारी परंपरा और संस्कृति से जुड़े हैं। इन्हें खरीदने से न सिर्फ कुम्हारों की पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों की मेहनत को सम्मान देने और उनके परिवारों की आजीविका में सहयोग करने के लिए लोगों को मिट्टी के दीयों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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