
कार में एक ही परिवार के 5 लोग सवार थे। हादसे में भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की जलने से मौत हो गई। वहीं, आरोपियों ने लल्ला सिंह के भाई का गला फरसे से काट दिया था। इस केस में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
रेत तस्करी से अवैध उगाही को लेकर बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक रेत के अवैध खनन को लेकर लल्ला सिंह के परिवार का भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से विवाद चल रहा था। चिरमी के रेत घाट का ठेका करीब 8 माह पहले मयंक सिंह के नाम पर मिला था। इसके बाद मयंक सिंह और उनका परिवार सोनहत, कैलाशपुर और तेलीमुड़ा, बेलिया और छिंगुरा से निकलने वाले अवैध रेत से भी वसूली शुरू कर दी।
भाजपा नेता लल्ला सिंह और उनके परिवार के सदस्य फार्च्यूनर में हूटर बजाते हुए चलते थे। मयंक सिंह प्रति हाईवा 1000 रुपए का शुल्क लेता था। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में एक हाईवा रेत 5000 रुपये तक में बिकती है।
त्रिपाठी परिवार के पास कुछ टीपर वाहन हैं, जिनसे वे रेत निकालकर जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बेचते थे। त्रिपाठी परिवार दूसरे घाट से निकाले गए रेत का पैसा देने तैयार नहीं था, जिसे लेकर कई माह से दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।