
एडिशनल सेशंस जज (ASJ) विजय शंकर ने गर्ग को रायपुर लाकर स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश करने की अनुमति दी है। ED की टीम विकास गर्ग को रायपुर लेकर आ रही है। आज (बुधवार) उसे रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। कस्टोडियल रिमांड की मांग की जाएगी।
ED अब विकास गर्ग से महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी। बता दें कि पिछले दिनों ED ने विकास गर्ग की 940 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त की थी।
6 दिन पहले ही महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का संचालक सौरभ चंद्राकर ओमान में अरेस्ट हुआ था। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। चंद्राकर पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था।
हर महीने 450 करोड़ से ज्यादा का अवैध कारोबार
ED ने इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल नेटवर्क’ के जरिए काम कर रहा था।
एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई हो रही थी।
शेल कंपनियों के जरिए की गई मनी लॉन्ड्रिंग
जांच में ED को पता चला कि अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को कैश के बदले फर्जी कंपनियों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाया गया। एजेंसी के मुताबिक, अपराध से कमाए गए करीब 940.77 करोड़ रुपए विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों में पहुंचाए गए। बाद में इस रकम से शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं।