गृह मंत्री विजय शर्मा ने नक्सल मामलों में जेल में बंद लोगों के केस की त्वरित समीक्षा कर न्यायसंगत निराकरण का भरोसा दिया है। उन्होंने एक दिन पहले विधानसभा में बस्तर से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, नक्सल मामलों में निरुद्ध लोगों के परिजनों, नक्सल पीड़ितों और युवाओं से मुलाकात की।
इस दौरान गृह मंत्री ने कहा कि सरकार सभी मामलों की संवेदनशीलता के साथ समीक्षा कर रही है। पात्र लोगों को जल्द राहत मिले, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। 10 जुलाई को गृह विभाग, प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में नक्सल प्रकरणों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है।
2 श्रेणी में बांटे गए मामले
गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि सभी लंबित मामलों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। जनहानि वाले और गैर-जनहानि वाले। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में जनहानि नहीं हुई है, उनकी समीक्षा संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) हर सप्ताह अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं के साथ करेंगे। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को जल्द से जल्द राहत दिलाना और लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण करना है।
जनहानि से जुड़े मामले में जल्द चालान पेश करने कहा
वहीं जनहानि से जुड़े मामलों में चालान, गवाही और न्यायालयीन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि यदि किसी आरोपी के परिजन अपने मामले की समीक्षा चाहते हैं तो वे संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को आवेदन दे सकते हैं। ऐसे मामलों की विधिसम्मत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान युवाओं और परिजनों ने अपनी समस्याएं भी रखीं, जिस पर उप मुख्यमंत्री ने समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति, विकास और विश्वास का माहौल मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
इस दौरान विजय शर्मा ने बस्तर के युवाओं से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने और जैविक खेती अपनाने की अपील भी की।