झारखंड के वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम और उसके सहयोगी को भागने में मदद करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। झारखंड पुलिस अंबिकापुर पहुंची और कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि बस संचालक बैदुल ने शब्बीर और उसके सहयोगी को शरण दी थी। बैदुल, शब्बीर का रिश्तेदार भी है।
वहीं, वासेपुर का एक अन्य गैंगस्टर शाकिब अफजल पिछले 13 साल से अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था। उसके खिलाफ 2004 में धनबाद के डॉन फहीम खान के कार्यालय पर AK-47 समेत घातक हथियारों से हमला करने, हत्या और लूट जैसे कई मामले दर्ज हैं। झारखंड में घर कुर्क होने के बाद शाकिब अफजल पहचान बदलकर अंबिकापुर में रह रहा था।
करीब 15 दिन पहले झारखंड पुलिस गैंगस्टर शब्बीर आलम को गिरफ्तार करने अंबिकापुर पहुंची थी। पुलिस जैसे ही उसे पकड़ने लगी, तभी शब्बीर का बेटा और उसके कुछ साथी वहां पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से बहस शुरू कर दी।
इसी दौरान मौका देखकर शब्बीर आलम और उसका साथी जावेद फरार हो गए। शब्बीर को शरण देने के आरोप में राजहंस बस के संचालक बैदुल खान के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला दर्ज होने के बाद से बैदुल भी फरार है।
17 CCTV कैमरों का फुटेज हटाने का आरोप
झारखंड पुलिस ने मोस्ट वांटेड गैंगस्टर शब्बीर आलम के फरार होने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी है। बुधवार को झारखंड पुलिस की टीम अंबिकापुर पहुंची। टीम ने शब्बीर और उसके साथी को फरार होने में मदद करने वालों के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
जिस मोहल्ले से शब्बीर आलम फरार हुआ, वहां उसके मददगारों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर आसपास लगे 17 CCTV कैमरों का फुटेज हटवा दिया। चर्चा है कि स्थानीय पुलिस के मौके पर पहुंचने और जांच शुरू होने से पहले ही डिजिटल सबूत मिटा दिए गए थे।