
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार, देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक पर सख्त रोक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन में शामिल स्टूडेंट्स और यूथ ने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। उनका कहा नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर सोनम वांगचुक के साथ देशभर का यूथ खड़ा है।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध जताया और इसे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार पर सवाल बताया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन में जमकर नारेबाजी हुई। शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग दोहराई।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और यूथ से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से गंभीर पहल करने की मांग की गई।
यूथ ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के स्टूडेंट्स और यूथ की आवाज है। उनका कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं होते, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।