
बस्तर संभाग अध्यक्ष कुशराम कोवासी और संभाग सचिव कार्तिक शाह मंडावी ने पत्र में कहा कि सोनम वांगचुक की ओर से उठाए गए मुद्दे गंभीर और जनहित से जुड़े हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी इस विषय में आवश्यक पहल करने और आंदोलन का शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
दिल्ली नहीं पहुंच सकते, लेकिन नैतिक समर्थन हमारे साथ
संगठन ने कहा कि बस्तर जैसे सुदूर आदिवासी क्षेत्र के युवा और छात्र इस आंदोलन के प्रति पूरी तरह एकजुट हैं। आर्थिक कठिनाइयों और लंबी दूरी के कारण दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होना संभव नहीं है, लेकिन वे नैतिक रूप से सोनम वांगचुक के साथ खड़े हैं।
संवाद और शांतिपूर्ण समाधान पर दिया जोर
आदिवासी युवा छात्र संगठन ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद, संवेदनशीलता और शांतिपूर्ण समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है।
सकारात्मक पहल नहीं हुई तो होगा शांतिपूर्ण विरोध
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की, तो बस्तर संभाग में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन एवं विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील
संगठन ने सरकार से सोनम वांगचुक की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आंदोलन का सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित करने की अपील दोहराई है।