छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हालिया बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया

छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हालिया बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग करते हुए 17 और 18 जून को चरणबद्ध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर 17 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा।

इसके बाद 18 जून को जिला स्तर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें पार्टी बिजली दर वृद्धि को लेकर अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी।

आंदोलन में सभी संगठन और जनप्रतिनिधि होंगे शामिल

कांग्रेस ने जिला, शहर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारियों, सांसद प्रत्याशियों, विधायकों, पूर्व विधायकों, मोर्चा संगठनों, प्रकोष्ठों और जनप्रतिनिधियों को आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होने के निर्देश दिए हैं।

बिजली दर वृद्धि से उपभोक्ताओं और किसानों पर बढ़ेगा बोझ

पार्टी का कहना है कि बिजली दरों में वृद्धि से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। कांग्रेस ने सरकार से बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की है और आंदोलन को प्रदेशभर में व्यापक रूप से संचालित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

क्या है नई बिजली दरें, कितना बढ़ेगा बिल?

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दे दी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, व्यावसायिक (कॉमर्शियल) उपभोक्ताओं को अब 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट अधिक भुगतान करना होगा।

कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। हालांकि, आयोग ने बिजली कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं किया और औसतन 6.23 प्रतिशत दर वृद्धि को ही मंजूरी दी है। नई बिजली दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होंगी।

आयोग का दावा: आम उपभोक्ताओं पर असर सीमित

CSERC के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला के मुताबिक औसतन 40 से 42 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं के निचले स्लैब में 30 पैसे और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि की गई है। राज्य में बिजली बिल हाफ योजना लागू है। 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक छूट मिलती रहेगी।

आयोग के अनुसार प्रदेश के 70 से 75 फीसदी घरेलू उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं, इसलिए नई दरों का प्रभाव उन पर अपेक्षाकृत कम पड़ेगा। आयोग का कहना है कि बिजली वितरण कंपनी को एक यूनिट बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में औसतन 7.13 रुपए खर्च हो रहे हैं, जबकि वर्तमान दरों पर उसे 6.71 रुपए प्रति यूनिट की आय हो रही है।

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