
इस पहल का संचालन प्लाक्षा विश्वविद्यालय, आईआईटी मंडी और इसरो से पंजीकृत स्पेस ट्यूटर संस्था की ओर से संयुक्त रूप से किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें नवाचार और अनुसंधान के प्रति प्रेरित करना है।
छह घंटे का हैंड्स-ऑन विज्ञान प्रशिक्षण
अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में छह घंटे का हैंड्स-ऑन विज्ञान प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रॉकेट और उपग्रहों की कार्यप्रणाली, भारत के प्रमुख अंतरिक्ष अभियानों, रोबोटिक्स, जल संरक्षण, स्वच्छ जल और सतत विकास जैसे विषयों की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
कई एक्सपर्ट रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र एस.एस. बजाज शामिल हुए। वहीं बीएसएनएल छत्तीसगढ़ टेलीकॉम सर्किल के मुख्य महाप्रबंधक वी.के. छबलानी, प्लाक्षा विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर एवं विज्ञान संचारक डॉ. रुचा जोशी तथा एयरोस्पेस इंजीनियर एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शशांक तमास्कर ने विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।