रायपुर में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए प्रदर्शन के बाद सियासत और तेज हो गई

Chhattisgarh Crimesरायपुर में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए प्रदर्शन के बाद सियासत और तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित हमला किया गया।

उसके बाद एफआईआर भी उन्हीं के खिलाफ दर्ज कर दी गई। साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि, भाजपा सरकार कुछ ही महीनों की मेहमान है।

भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि, भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव के नाम पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान भाजपा के मंत्री भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं को दरकिनार कर प्रदर्शन में शामिल हुए।

उनके मुताबिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय और पार्टी कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके, जबकि पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछारें छोड़ीं।

कांग्रेस कार्यकर्ता हुए घायल

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि, इस घटना में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए और कई पत्रकारों को भी चोटें आईं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि हमला कांग्रेस पर हुआ, लेकिन एफआईआर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज कर ली गई।

भाजपा सरकार ने सुनियोजित हमला किया

पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि, पूरी घटना पुलिस के संरक्षण में भाजपा सरकार द्वारा कराया गया सुनियोजित हमला था। उन्होंने इसकी तुलना दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से भी की।

अफसरों को दी चेतावनी

अपने बयान के अंत में भूपेश बघेल ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ज्यादा दिनों की मेहमान नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा से राजनीतिक स्तर पर निपट लिया जाएगा, लेकिन पुलिस अधिकारी अपने आचरण का ध्यान रखें क्योंकि सत्ता बदलती रहती है।

पुलिस ने दर्ज की है एफआईआर

बता दें कि, बुधवार को रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। घटना के बाद पुलिस ने कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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