
यह समिति देश के अलग-अलग राज्यों में स्थापित किए जाने वाले बायोटेक पार्कों की परियोजनाओं को मंजूरी देने के साथ उनके क्रियान्वयन की निगरानी भी करेगी।
देशभर में बन रहे हैं बायोटेक पार्क
केंद्र सरकार जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों, स्टार्टअप और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजना चला रही है। इसके तहत राज्यों के सहयोग से बायोटेक पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
इन पार्कों का उद्देश्य शोध संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप्स के बीच बेहतर तालमेल बनाकर जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना है।
समिति की होगी अहम भूमिका
राष्ट्रीय स्तर पर गठित स्टीयरिंग कम प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग समिति विभिन्न राज्यों से आने वाले बायोटेक पार्कों के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) की समीक्षा करेगी। परियोजनाओं को वित्तीय सहायता के लिए मंजूरी देने के साथ-साथ उनके क्रियान्वयन और प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग भी समिति की जिम्मेदारी होगी।
छत्तीसगढ़ को मिलेगा राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व
डॉ. गिरीश चंदेल के समिति में शामिल होने से छत्तीसगढ़ को जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व मिला है। कृषि और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके अनुभव का लाभ समिति के निर्णयों में मिल सकता है। इससे कृषि जैव प्रौद्योगिकी, एग्री-स्टार्टअप और अनुसंधान आधारित परियोजनाओं को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।