
में हुआ है। खास बात ये है कि इसी सत्र में भदरीपारा की दूसरी छात्रा ने भी EMRS की परीक्षा पास कर स्कूल का नाम रोशन किया है। एक ही साल में एक ही प्राथमिक शाला से 2 छात्राओं का राष्ट्रीय स्तर के आवासीय विद्यालय में चयन होना अपने आप में कीर्तिमान है। कोमलता की इस जीत के पीछे उसके अपने सपनों के साथ-साथ शिक्षक तरूण कुमार साहू और दारासिंह प्रधान की दिन-रात की मेहनत है। बीहड़ जंगल, बिजली-पानी की कमी और किताबों की तंगी के बावजूद इन गुरुओं ने बच्चों को हार नहीं मानने दी।
*क्षेत्र में खुशी, बच्चों को मिली नई उड़ान*
खबर मिलते ही पूरे भदरीपारा गांँव में मिठाइयां बंटीं। ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत हुआ। पालकों का कहना है कि अब हमारे बच्चे भी बड़े स्कूल में पढ़ेंगे। ग्राम पंचायत कोचेंगा के सरपंच दीनाचंद मरकाम ने इन बच्चों की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय परिवार को धन्यवाद ज्ञापित किया।
विद्यालय परिवार और ग्रामवासियों ने कोमलता को बधाई देते हुए कहा कि ये सफलता पूरे वनांचल के बच्चों के लिए प्रेरणा है।