विस्थापन नहीं, वन अधिकार पट्टा चाहिए शोभा में गूंँजे आदिवासी एकता के नारे

Chhattisgarh Crimesराजापड़ाव के 62 गांवों ने निकाली बाइक रैली, विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम शोभा में राज्यमंत्री बेसरा व पिछडा वर्ग प्रदेश मंत्री भाजपा नरोत्तम साहू हुए शामिल।  

*बुनियादी हक नहीं मिला तो रेला-पाटा और रैली भी होगी*- *संजय नेताम*।

पूरन मेश्राम/मैनपुर।  उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के बफर जोन अंतर्गत विकासखंड मैनपुर के ग्राम शोभा में शनिवार को विश्व आदिवासी मूलनिवासी दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। राजापड़ाव क्षेत्र के 8 ग्राम पंचायत के 62 गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण बाइक रैली के साथ पहुंचे।

कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्र में स्थापित देवी-देवताओं के साथ भगवान बिरसा मुंडा, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर,रानी दुर्गावती एवं वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा गया। इसके बाद पुरखों द्वारा स्थापित कचना-धुरवा बाजा घाटी में पूजा कर रैली कार्यक्रम स्थल पहुंँची।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी विकास वित्त निगम के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त श्री बेसरा एवं पिछड़ा वर्ग प्रदेश मंत्री भाजपा नरोत्तम साहू विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। क्षेत्रीय मुखियाओं द्वारा आदिवासी सतरंगी ध्वज का ध्वजारोहण किया गया।

*मंच से उठी प्रमुख मांगें*

जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम, जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के अध्यक्ष पतंग मरकाम,सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष सुनील मरकाम ने एक स्वर में कहा कि हमें जल, जंगल, जमीन का अधिकार और संस्कृति बचानी है।

संजय नेताम ने मंच से ऐलान किया जंगल में शेर रहेगा और आदिवासी भी रहेगा। हमें विस्थापन नहीं, वन अधिकार पट्टा चाहिए। बुनियादी हक अधिकार नहीं मिला तो रेला-पाटा भी होगा और रैली भी होगी।

राज्यमंत्री बेसरा को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराते हुए जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम एवं मुखियाओं द्वारा ज्ञापन पत्र सौंपा गया एवं वास्तविकता की पड़ताल करने की मांग की गई। राज्यमंत्री बेसरा ने आदिवासी नायकों का विस्तारपूर्वक उल्लेख करते हुए हक-अधिकार के लिए लगातार संघर्ष करने का संदेश दिया।

मंच से क्षेत्र की बदहाली भी उजागर की गई। वक्ताओं ने कहा कि आज भी बरसात में मरीजों को खाट पर लादकर नदी पार कराना पड़ता है और बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ने मजबूर हैं।

कार्यक्रम के अंत में समाज के मुखिया सुनील मरकाम ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीति से दूर रहकर सामाजिक आंदोलन को आगे बढ़ाना है। जब तक जिंदा हैं पूर्वजों के संघर्ष को याद कर हक-अधिकार की लड़ाई लड़ते रहेंगे।इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम, सुनील मरकाम, दशरथ नेताम,प्रताप नेताम, हरचंद नेताम,भानु राम नेताम, दीनाचंद मरकाम, जनपद सदस्य फूलचंद मरकाम, श्रीमती रमूला मरकाम, पूना राम नेताम, खाम सिंह मरकाम, पूना राम मरकाम, गोपाल मरकाम,भुवनेश्वर नेगी, प्रभु राम सोरी,धन्नू राम नेताम,कृष्ण कुमार नेताम, मनोज मिश्रा, कैलाश निर्मलकर,बंसी राम मरकाम, मदन जाटवार, 8 ग्राम पंचायत के सरपंच, कर्मचारी प्रकोष्ठ से रामेश्वर ध्रुव, पवन ठाकुर, हेमराज नेताम, हेम प्रकाश मरकाम, जयदेव नेताम,भीकम मरकाम, अघनू प्रजापति, हेमंत पटेल, शिव प्रसाद, पूरन मेश्राम,अजय नेताम, रविन्द्र मरकाम,सुदेश्वर मरकाम,सुभाष नेताम, पुरुषोत्तम परदे, हेमंत परदे, कुलदीप मरकाम, कन्हैया नागेश,नकुल नागेश,अशोक मरकाम, सतनामी मरकाम, नकुल मरकाम, फलेश नेताम रमेश मरकाम, सीमा मरकाम, दुर्गा मरकाम, प्रतिमा नेताम,रामेश्वरी मरकाम, भोली नेताम, ममता नेताम, भारती मरकाम, ऋतु मरकाम, हेमलता नेताम, पिंकी मरकाम योगेश मरकाम, सागर मरकाम, लोकेश नागेश सहित क्षेत्र के हजारों आदिवासी मूल निवासी शामिल रहे।

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