NTCA की NOC,नहीं तो PM को खून से खत राजापड़ाव के आदिवासियों ने खून से लिखी PM को चिट्ठी,5 पंचायतें आज भी अंधेरे में

Chhattisgarh Crimesपूरन मेश्राम/गरियाबंद। विकासखंड मैनपुर के सुदूर वनांचल राजापड़ाव क्षेत्र में आज लोकतंत्र का सबसे भावुक और ऐतिहासिक दिन देखा गया।ग्राम अड़गडी मे किसान संघर्ष समिति एवं जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के तत्वावधान में विशाल महा बैठक का आयोजन किया गया,जहां सैकड़ों महिला-पुरुषों एवं युवा साथियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अपने खून से भावुक चिट्ठी लिखी।

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*79 साल से अंधेरे में 5 पंचायत*

राजापड़ाव क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों में से 5 पंचायतों के दर्जनों गांव आजादी के 79 साल बाद भी बिजली से वंचित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बार बार शासन-प्रशासन Chhattisgarh Crimes

कोपत्राचार,आवेदन,निवेदनधरना-प्रदर्शन करने के बाद भी बिजली नहीं लगी। अधिकारी कहते हैं सिर्फ PM ही कर सकते हैं,

 

Chhattisgarh Crimesदैनिक मंडावी किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने बताया कि जब भी बिजली की मांग करते हैं,अधिकारी उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और NTCA की NOC का बहाना बनाते हैं। अधिकारी खुद कहते हैं कि बिजली लगाने की जो मांग है वह सिर्फ और सिर्फ NTCA की NOC और प्रधानमंत्री की सहमति से ही हो सकता है।हजारो लोग दिल्ली नहीं जा सकते, इसलिए खून से लिख रहे हैं

Chhattisgarh Crimesग्रामीणों ने कहा कि हम गरीब आदिवासी यहां से दिल्ली तो नहीं जा सकते, लेकिन अपनी पीड़ा प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए अपने खून से भाव पत्र लिख रहे हैं। महा बैठक में क्षेत्र के 528 समस्या ग्रस्त लोग अपना खून निकालकर चिट्ठी लिखने मजबूर है। *महिलाओं ने सबसे पहले निकाला खून*

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कार्यक्रम की शुरुआत में गांव की 5 बुजुर्ग महिलाओं ने सबसे पहले अपना खून निकालकर चिट्ठी लिखी। उसके बाद युवाओं,बुजुर्गों का तांता लग गया चिट्ठी में लिखा है।माननीय मोदी जी, हमारे आंसू सूख गए हैं। अब खून से लिख रहे हैं। हमारे बच्चों को उजाला दे दो।

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*PESA शिलालेख भी स्थापित*

महा बैठक में संविधान की 5वीं अनुसूची एवं PESA अधिनियम 1996के तहत ग्राम सभा को प्राप्त अधिकारों का शिलालेख के लिए भूमिपूजन किया गया जिसमे आने वाला समय मे लिखा रहेगा कि ग्राम सभा की अनुमति बिना, गांव में एक पत्ता भी नहीं हिलेगा।

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*प्रशासन रहा मौन*

9 जून को SDM मैनपुर को सूचनार्थ ज्ञापन दिया गया था। इसके बाद भी कार्यक्रम स्थल पर प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा। पुलिस प्रशासन एल आई बी आई बी पुस्तैदी से बैठक स्थल मे डटे रहे। लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी के मौजूद नही रहने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

Chhattisgarh Crimes*चेतावनी*

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिन में प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया तो इससे बड़ा आंदोलन की शुरुआत होगी 1000 लोग एक साथ सड़क भर में खड़े होकर मुख्यमंत्री निवास तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निवेदन चिट्ठी पहुंचाने के लिए कार्यक्रम तय किया जावेगा। महा बैठक में विशेष रूप से दैनिक मंडावी किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष, पंतग मरकाम जय अंबेडकरवादी युवा संगठन अध्यक्ष, संजय नेताम जिला पंचायत सदस्य, दीनाचंद मरकाम सरपंच कोचेंगा, टीकम मरकाम सरपंच प्रतिनिधि भूतबेड़ा, नरेश नेताम सरपंच प्रतिनिधि गोना,बरनू नेताम कृष्ण कुमार नेताम सरपंच प्रतिनिधि अड़गडी,चिमन नेताम सरपंच गौरगांव, नकुल नागेश, रोहन नेताम, अजय नेताम, पुरुषोत्तम परदे, महेश सूर्यवंशी, दुर्जन मरकाम, रविंद्र मरकाम, नंदलाल नागेश, अमरू मरकाम, सुखदेव नेताम, परशुराम नेताम, मंगलूराम मरकाम, मोहन मरकाम, भगवान सिंह नेताम, रमेश मरकाम, लोकेश मरकाम, जितेंद्र मरकाम, सखाराम मरकाम, कार्तिक मरकाम, नवलु मरकाम, कमलेश मरकाम सहित क्षेत्र भर के हजारों लोग इस महा अभियान में शामिल रहे।