
जानकारी के मुताबिक, 7 अक्टूबर को ग्राम मुरदंडा में 7 धमकी भरे पर्चे मिले थे। इन पर्चों के जरिए सरपंच नारायण काका, उपसरपंच नारायण कचलम और ग्रामीण जयमूर्ति चापड़ी को धमकी दी गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद आवापल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा मामला: पुलिस की जांच में सामने आया कि गांव में स्कूल भवन निर्माण के लिए जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया था। इसी कार्रवाई से जुड़े विवाद के बाद आरोपियों ने माओवादियों की आड़ लेकर धमकी भरे पर्चे तैयार किए और गांव में फेंके, ताकि लोगों में दहशत पैदा की जा सके।
पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा: मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदीप मड़कम और नागेश बोड़के को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों से पूछताछ में नक्सली पर्चे के पीछे की साजिश और जमीन विवाद से जुड़े तथ्यों का खुलासा हुआ है। आवापल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का खुलासा हुआ है। आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।