
दरअसल, पुलिस को मवेशी तस्करी की सूचना मिली थी। जिसके बाद टीम ने ग्राम घोटिया के प्रकाश ढाबा के पास नाकेबंदी की। इस दौरान एक छोटा हाथी वाहन आता दिखा। पुलिस ने वाहन को रोका तो उसमें बैठे तीन व्यक्ति भागने लगे।
दस्तावेज नहीं होने पर किया गिरफ्तार
जिन्हें पुलिस ने किसी तरह पकड़ लिया है। जब वाहन की तलाशी ली गई तो तिरपाल से ढंके हुए दो गाय और दो बछिया मिलीं। इन्हें बिना चारा-पानी के ठूंस-ठूंसकर रखा गया था। तस्करों से पशु परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो उन्होंने दस्तावेज न होना लिखित में स्वीकार किया।
पशु क्रूरता के तहत FIR दर्ज
इसके बाद पुलिस ने शिव कुमार देवांगन (37), शत्रुहन घृतलहरे (72) और सूरज गायकवाड (25) को गिरफ्तार कर थाने लाई। तस्करों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
थाना प्रभारी हेमंत पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही फौरन कार्रवाई की गई। वाहन में मवेशियों को अमानवीय ढंग से भरकर बिना दस्तावेज परिवहन किया जा रहा था।