
हड़ताल पर गए कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से अपनी 10 प्रमुख मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें पूरा नहीं किया गया है। कर्मचारियों की यह अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रही है।
NHM कर्मचारियों का आरोप है कि उनके साथ लगातार शोषण हो रहा है, और सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन देने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसी के विरोध में उन्होंने “NHM शोषण प्रथा बंद करो” जैसे नारों के साथ पुतला दहन कर प्रदर्शन तेज किया।
टीकाकरण काम भी हो रहा प्रभावित डॉ वैभव डियोडिया ने बताया कि NHM कर्मचारियों के आंदोलन से स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान के साथ यू-वीन पोर्टल का संचालन भी प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले में 160 उप स्वास्थ्य केंद्र, लगभग 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इनमें से कई केंद्रों पर NHM कर्मचारी प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। आंदोलन के चलते ये केंद्र या तो बंद पड़े हैं या सीमित सेवाएं ही दे पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं खासा प्रभावित हो रही हैं।