
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम ओमकार ओझा (27) है, जो बिहार के बक्सर के सेमरी थाना क्षेत्र में खरहानटान गांव का रहने वाला था। फिलहाल दुर्ग जिले के कुम्हारी में रह रहा था। वह ई-रिक्शा चलाता था। आरोपियों ने मर्डर कर लाश को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था, ताकि मर्डर नहीं सुसाइड लगे।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 9-10 सितंबर की रात संजय निषाद के घर पर अजय दास की मां लक्ष्मी दास मानिकपुरी और ओमकार ओझा रुके हुए थे। इस दौरान ओमकार शराब पीकर लक्ष्मी दास के साथ विवाद कर रहा था। इससे लक्ष्मी दास का बेटा अजय दास भड़क गया।
इसके बाद अजय दास और भानू दास ने मिलकर ओमकार ओझा को जमकर पीटा। इसके बाद ई-रिक्शा में बैठाकर उरकुला रेलवे स्टेशन के पास सुनसान जगह पर लेकर गए। वारदात के वक्त 2 और दोस्त कमलेश दास और पीकेश दास भी मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान चारों दोस्तों ने मिलकर ओमकार ओझा को मारने की साजिश रची। चारों ने मिलकर ओमकार को जमकर पीटा। इसके बाद गला दबाया, फिर डबरी के पानी में डुबो-डुबोकर मार डाला। आरोपियों ने हत्या को आत्महत्या की शक्ल देने के लिए ओमकार की लाश को पटरी पर फेंक दिया।
लाश देखकर लोको पायलट ने दी पुलिस को सूचना
हालांकि आरोपियों की साजिश नाकाम हो गई। लाश ट्रेन से नहीं कटी। लोको पायलट ने ट्रेन धीरे होने की वजह से लाश को देख लिया, फिर पुलिस को सूचना दी। युवक के सिर और चेहरे पर चोट के निशान थे। पुलिस को एक लावारिस ई-रिक्शा भी बरामद हुई।
पुलिस को जांच में पता चला कि ई रिक्शा के मालिक ने किसी और को ई-रिक्शा बेच दिया था। लंबी जांच के बाद पता चला कि, लाश ओमकार ओझा की है। पुलिस ने जब ओमकार का नंबर ट्रेस किया, तो वह संजय निषाद के घर के पास मिला।