
याचिकाकर्ता के वकील गगन तिवारी ने बताया कि, सुप्रीम कोर्ट से सभी 12 आरोपी को जमानत मिल गई है। इसमें कुछ छत्तीसगढ़ तो कुछ बिहार के हैं। जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। जांच अधिकारियों ने जांच के बाद कोर्ट में सभी दस्तावेज पेश किए। उसके बाद बेल मिली है। इसमें 13 गवाह हैं। अभी भी मामले की जांच चल रही है। महादेव ऐप को यूरोप के कोडर्स ने किया डेवलेप
सट्टेबाजी ऐप महादेव बुक को यूरोप स्थित कुछ सॉफ्टवेयर कोडर्स ने विकसित किया था। 2020 में कोविड-19 महामारी लॉकडाउन के दौरान इसे लॉन्च किया गया था। तब से ऐप का व्यवसाय बढ़ता गया। उनके पास लगभग 2000 केंद्र थे, जहां दो से तीन व्यक्ति कमीशन के लिए संचालित कर रहे थे।
3 हजार खाते फ्रीज, प्रदेश में 70 से ज्यादा मामलों में 300 गिरफ्तार
महादेव सट्टा मामले में छत्तीसगढ़ में 70 से ज्यादा मामला दर्ज हैं। इसमें 300 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और 3 हजार से ज्यादा खाते मिले हैं, जिसे ब्लॉक कराया जा रहा है। इन खातों में करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। छत्तीसगढ़ में पहली FIR 31 मार्च 2022 को मोहन नगर थाना में की गई थी।
इसमें पहली गिरफ्तारी दुर्ग के आलोक सिंह, खड्ग सिंह और राम प्रवेश साहू की हुई थी। तीनों से पूछताछ और मोबाइल की जांच के दौरान महादेव सट्टा बुक का खुलासा हुआ। उसके बाद सुपेला, फिर जुलाई में रायपुर के तेलीबांधा में केस दर्ज किया गया। इसमें 70 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई।
पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ था कि भिलाई में जूस सेंटर चलाने वाला सौरभ चंद्राकर महादेव सट्टा का किंग है। वह अपने दोस्त रवि उप्पल, कारोबारी अनिल अग्रवाल के साथ मिलकर दुबई से ऑनलाइन सट्टा चला रहा है। इसमें कई सराफा, सरिया, कपड़ा कारोबारियों का पैसा लगा है।