
हालांकि, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला। विभागीय जांच चल रही है। दैनिक भास्कर ने HIV पीड़ित महिला के पति से बात की। उन्होंने ने बताया कि बच्चे के पास ‘HIV पॉजिटिव मदर’ लिखा हुआ चार्ट देखा तो आंखों में आंसू आ गए। मेडिकल स्टाफ हमसे दूरी बनाने लगा था।
बता दें कि हाईकोर्ट ने HIV पॉजिटिव महिला मरीज की पहचान सार्वजनिक करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। साथ ही मुख्य सचिव से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है
जानिए क्या है पूरा मामला
मेकाहारा में 6 अक्टूबर को एक HIV पॉजिटिव महिला ने बच्चे को जन्म दिया। मेडिकल स्टाफ ने बच्चे को PICU में शिफ्ट किया। यहां तक तो ठीक था, लेकिन इसके बाद मौजूद स्टाफ ने सफेद रंग का एक बड़ा चार्ट पेपर लाया। फिर कुछ कलर पेंसिल भी मंगाई गई।
इसके बाद लाल रंग के स्केच मंगाए गए। उस पर बड़े-बड़े बोल्ड अक्षरों में लिखा गया- HIV POSITIVE MOTHER (एचआईवी पॉजिटिव मदर)। ये इतना बड़ा और बोल्ड लिखा हुआ था कि 100 मीटर दूरी से भी गुजरने वाले इसे पढ़ जाए। ये चार्ट फिर उस बच्चे के नजदीक चस्पा कर दिया गया।
पीड़ित मां ने पति से कहा- बच्चे के पास एक चार्ट लगा हुआ है
चार्ट 3 दिनों तक ऐसे ही लगा रहा। मां जब-जब बच्चे को दूध पिलाने जाती, ये बोर्ड उसे दिखता। वो समझ नहीं पा रही थी कि किया क्या जाए। 2 दिन बाद उसने बातों ही बातों में ये बात अपने पति को बताई। पति को PICU के भीतर जाने की इजाजत नहीं थी।
वो बच्चे को सीधे नहीं देख सकते थे। लेकिन 9 अक्टूबर को 2 मुंहे दरवाजे के खुलने और बंद होने की प्रक्रिया में कुछ सेकेंड के लिए बनने वाले स्पॉट से देखा तो आंखों से आंसू आ गए। उनके बच्चे के नजदीक ‘HIV POSITIVE MOTHER’ का चार्ट लगा हुआ था।
पिता बोले- मेडिकल स्टाफ तक दूरी बनाने लगा था
दैनिक भास्कर को पीड़ित पिता ने बताया कि वे भी HIV पॉजिटिव हैं। बीमारी का पता चल जाने पर बाकी सोसाइटी का तो छोड़िए मेडिकल स्टाफ के लोग भी सामान्य व्यवहार नहीं करते। ये बात तो सभी जानते हैं, इसके बाद भी गलती हुई। दुख इस बात है कि गलती को 3 दिनों तक नजरअंदाज किया गया।