छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में आत्मानंद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को अब तक पुस्तकें नहीं मिली

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ में आत्मानंद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को अब तक पुस्तकें नहीं मिली है। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक पुराने सिलेबस से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अब तक स्कूल खुले एक महीने हो गए हैं। ने में 1 दिन बच गया है।

दरअसल, शासन की योजना के तहत आत्मानंद स्कूल के इंग्लिश और हिंदी मीडियम के प्राइमरी-मिडिल कक्षा के बच्चों को निशुल्क पुस्तकें दी जाती है। पुस्तकें स्कूल से बच्चों को मिलती है, लेकिन नए शिक्षा सत्र में अभी तक किताबें नहीं मिली हैं।

ऐसे में बच्चों को पुरानी पुस्तकों से पढ़ाया जा रहा है या फिर हर दिन पुराने बुक से रीडिंग कराया जा रहा है। इससे बच्चे एक महीने अपनी नई कक्षा की पढ़ाई से पीछे हो चुके हैं। बच्चे हर दिन स्कूल जा रहे हैं, लेकिन नए सत्र की उनकी पढ़ाई नहीं हो पा रही है।

जिले में 41 आत्मानंद स्कूल

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले में 41 आत्मानंद स्कूल संचालित हो रहे हैं। जिसमें 31 हिंदी और 10 इंग्लिश मीडियम की स्कूल हैं। इन स्कूलों में 21789 बच्चे अध्ययनरत हैं। जिसमें प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूल मिलाकर 13899 बच्चे हैं। हायर सेकेंडरी में 7490 और प्री प्रायमरी में 400 बच्चे अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।

स्कैनिंग में समस्या आने के कारण लेटलतीफी

जिला शिक्षा अधिकारी डॉ केव्ही राव ने बताया कि, रायगढ़ के आत्मानंद स्कूलों में किताबें पहुंच गई है। कल तक जिले में सभी जगह किताबें पहुंच जाएगी। पुराने किताबों में क्यूआर कोड चिपकाना पड़ रहा है, फिर स्कैनिंग करना पड़ रहा है। नए किताबों को स्कैन कर ही बच्चों को देना है। क्यूआर कोड घिस गई है। इस कारण समस्या हो रही थी। अब किताबें बच्चों को बंट जाएगी।

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