
जूटमिल क्षेत्र में केलो नदी के किनारे शहर का बड़ा छठ घाट है। इसके अलावा खर्राघाट, SECL रोड और किरोड़ीमल नगर पर भी घाट बना है। यहां अब नगर निगम की टीम साफ-सफाई कर रही है और घाटों को पानी से धुलवाया जा रहा है। लाइटिंग, पानी की व्यवस्था के साथ ही अन्य तैयारियां धीरे-धीरे की जा रही है।
विधिविधान से की जाती है पूजा-अर्चना
इस बार शनिवार को नहाय-खाय से छठ पूजा की शुरुआत होगी। जिसमें श्रद्धालु साफ कपड़ा पहनकर, लौकी सब्जी और बिना लहसुन प्याज का भोजन करते हैं। इसके अगले दिन सुबह महिलाएं खरना में निर्जला उपवास रखती हैं।
शाम को अलग चूल्हे में खीर और रोटी बनाकर खाते हैं। उसके अगले दिन भर निर्जला उपवास रहकर संध्या को सूर्य को अर्घ्य देंगी और उसकी अगली सुबह श्रद्धालु उगते सूर्य को अर्घ्य देकर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाएगी।
किरोड़ीमल छठ घाट में भी तैयारियां शुरू
किरोड़ीमल नगर में भी बिहार और उत्तर प्रदेश से आकर बसने वालों की संख्या भी अधिक है। यहां छठ घाट में भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं। ऐसे में किरोड़ीमल छठ घाट में भी अब साफ-सफाई समेत अन्य तैयारियां शुरू कर दी है।
जो भी कमी होगी दूर करेंगे
नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने बताया कि छठ पूजा को लेकर छठ घाट की साफ-सफाई शुरू कराई गई है। आसपास क्षेत्र में भी सफाई कराया जा रहा है। लाइटिंग और पानी की व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा जो भी कमी रहेगी, उसका जायजा लेकर उसे दूर किया जाएगा। ताकि छठ घाट में पूजा करने आए श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं हो।