बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी,कांग्रेस करेगी बिजली न्याय आंदोलन

Chhattisgarh Crimesभाजपा सरकार ने पौने दो सालों में बिजली की दरों में प्रति यूनिट 80 पैसों की बढ़ोत्तरी की है, जो अन्यायपूर्ण है। पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल के पांच वर्षों में बिजली के बिल मात्र 2 पैसे बढ़ाए गए थे। सरकार ने बिजली बिल बढ़ाने के लिए दावा किया है कि CSPDCL घाटे में है। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए बहाना बना रही है। सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस ने बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ आज से बिजली न्याय आंदोलन की शुरुआत कर रही है।

अंबिकापुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले पौने दो सालों में चार बार बिजली की दरें बढ़ाई हैं। बिजली के दरों में कुल 80 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी की गई है। सिंहदेव ने कहा कि वर्ष 2003 में जब भाजपा सत्ता में आई थी तो बिजली की दरें प्रति यूनिट 3.30 रुपए थी। भाजपा सरकार ने वर्ष 2018 तक इसे बढ़ाते हुए 6.40 रुपए प्रति यूनिट कर दिया। चुनाव के पहले तत्कालीन रमन सरकार ने बिजली की दरें 20 पैसे घटा दी थी।

पांच सालों में 2 पैसे बढ़ाए, कई काम हुए सिंहदेव ने कहा कि पूर्ववर्ती शासन काल में पांच सालों में बिजली की दरों में मात्र 2 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई। किसानों के लिए बिजली की दरें घटाई गईं। पिछले पांच सालों में बिजली के इन्फ्रास्ट्रक्चर को स्वीकृति दी गई। प्रदेश भर में नए सब स्टेशन की स्वीकृति दी गई। इनमें से कांग्रेस शासन काल तक कई सब स्टेशन बन गए। जो नहीं बन सके, वर्तमान सरकार उनका काम पौने दो सालों में शुरू तक नहीं करा सकी है।

सिंहदेव ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में ये काम तब किए गए जब बिजली बिल हाफ योजना व किसानों व उद्योगों को बिजली सब्सिडी में 3240 करोड़ रुपए देकर राहत दी गई। भाजपा की सरकार के सत्तासीन होते ही बिजली की कटौती शुरू हो गई है और लगातार दरें बढ़ाई जा रही हैं।

प्रदेश की जनता के साथ अन्याय टीएस सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोयला हमारा है, जमीनें हमारी हैं तो यहां की जनता को मंहगे दरों पर बिजली क्यों बेची जा रही है? यह जनता के साथ अन्याय है। बड़े उद्योगपतियों का करोड़ों का बकाया विभाग वसूल नहीं पा रहा है। भाजपा के नेता, मंत्री, विधायक व अधिकारी एसी का मजा लूट रहे हैं। कई विभागों का बिजली बकाया है। इसकी भरपाई आम जनता से करने बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं।

सिंहदेव ने कहा कि यह देखा जाना चाहिए कि बिजली उत्पादन करने वाली फैक्ट्री अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है या नहीं। ट्रांसमिशन लॉस को कम किया जाना चाहिए। अपनी नाकामी छिपाने के लिए सरकार लोगों पर बोझ लाद रही है।

सिंहदेव ने कहा कि किसानों को दी जाने वाली बिजली की दरें भी 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ा दी गई है। किसानों को खाद भी नहीं मिल रहा है। बिजली के बिलों में बढ़ोत्तरी का कांग्रेस विरोध करेगी।

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