
ग्रामीणों के अनुसार, पुष्पा नेताम हर साल बुवाई से लेकर कटाई तक खेतों में सक्रिय रहती हैं। खेती-किसानी से उनका यह जुड़ाव परिवार की पारंपरिक परंपरा का हिस्सा है। अपनी व्यस्त राजनीतिक दिनचर्या के बावजूद वे धान कटाई में समय निकालकर सहयोग करती हैं।
खेती से जुड़ाव बनाए रखते हैं कृषि मंत्री
कृषि मंत्री राम विचार नेताम भी अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद खेतों से अपना जुड़ाव बनाए रखते हैं। रामानुजगंज विधानसभा के हालिया प्रवास के दौरान, उन्हें स्वयं धान काटने वाली मशीन चलाते हुए देखा गया था। ग्रामीणों ने बताया कि मंत्री नेताम जब भी अवसर मिलता है, खेतों में जाते हैं, क्योंकि खेती में उनकी रुचि बचपन से रही है।
खेती से पीढ़ियों पुराना संबंध- मंत्री नेताम
मंत्री नेताम ने कहा, ‘खेती से हमारा संबंध सिर्फ आज का नहीं, बल्कि पीढ़ियों से रहा है। धान बुवाई और कटाई का समय हमारे लिए विशेष होता है। मेरी पत्नी हमेशा इस दौरान खेतों में मौजूद रहती हैं, और मैं भी समय मिलते ही खेतों की ओर जाता हूं।’