
पूरन मेश्राम/मैनपुर।समर्थन मूल्य में मक्का खरीदी किए जाने की मांँग शासन प्रशासन से कई बार संगठन के मुखियाओं के द्वारा करने के बाद भी आज तक सोसायटी से मक्का खरीदी नहीं हो पा रहा है जिसे लेकर किसान बेहद नाराज है और मांँग पूरी नही होने से मुख्य नेशनल हाईवे मे चक्का जाम करने का मन बना रहे है। किसानो ने बताया कि 12 हजार हेक्टेयर में मक्का का फसल लिया गया हैं, लेकिन आज पर्यन्त तक समर्थन मूल्य में मक्का खरीदी नहीं होने के कारण किसान अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई को बिचौलियों के पास औने पौने दामों में बेचने में मजबुर हैं। पूर्व में सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी किया गया था, लेकिन इस वर्ष अभी तक मक्का की खरीदी नहीं किया जा रहा हैं। मैनपुर क्षेत्र में शासन के द्वारा काबिज के आधार पर कृषकों को वन अधिकार पट्टा दिया गया हैं, उक्त भूमि में किसानों के द्वारा धान व मक्का फसल कमाते आ रहे हैं और समिति में धान बेच रहे हैं। इस वर्ष भी राजस्व विभाग (पटवारी) के द्वारा भौतिक सत्यापन व गिरदावरी कर चूके हैं। लेकिन समिति पोर्टल में भौतिक सत्यापन व गिरदावरी लंबित बताने के कारण टोकन नहीं कट पा रहा है। जिससे क्षेत्र के लगभग एक हजार किसान वन अधिकार पट्टा में धान नहीं बेच पा रहें हैं। उक्त दोनों समस्याओं के संबंध में जिला प्रशासन को अवगत करवा चुके, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया हैं। आज 31/12/2025 को क्षेत्र के किसान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम से एसडीएम मैनपुर को चक्का जाम के संबंध में जानकारी के लिए ज्ञापन दिया गया है। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालो मे किसान संघर्ष समिति मैनपुर के अध्यक्ष टीकम कपिल, बली राम ठाकुर, इलियाल बाघमार,किसान संघर्ष समिति राजापड़ाव क्षेत्र के अध्यक्ष दैनिक मंडावी, जनपद सदस्य सुकचंद ध्रुव, सरपंच जिडार मुकेश कपिल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मैनपुर अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष प्रियंका कपिल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सियाराम ठाकुर, सरपंच कोचेंगा दिनाचंद मरकाम, सरपंच प्रतिनिधि भूतबेडा टीकम सिंह मरकाम,सरपंच प्रतिनिधि गोंना नरेश कुमार नेताम,चेतन सिंह, वीरेंद्र कुमार, बहुर सिंह, केशव प्रसाद ध्रुव, प्रेमलाल, गोवर्धन राम, सुखनाथ, बिसेन कुमार सोरी, विष्णु नेताम, बिकाऊ राम, भगत राम, दुकालू राम, सुकनाथ, पुनाराम नेताम, तिलक राम मरकाम, अगनू राम, तेजराम, फरसू राम नेताम सहित क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।