यह घटना उस समय हुई, जब खदान के भीतर हाइड्रोलिक मशीन पर छह मजदूर काम कर रहे थे। घायलों को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। परिजनों और साथी मजदूरों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है।
घटनास्थल पर मौजूद राम कियास ने बताया कि देवेंद्र कुमार, संजय कुमार, राम कियास, बाबू लाल, अर्जुन और लोकनाथ सहित छह लोग काम कर रहे थे। सिलेंडर लगाते समय हाइड्रोलिक प्रेशर के कारण वह अचानक फट गया। इस हादसे में संजय कुमार मौके पर ही बेहोश हो गए, जबकि दो अन्य घायल हो गए। संजय को कंपनी के कैंपर वाहन से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इकलौता भाई था मृतक
मृतक संजय कुमार अपने चार बहनों में इकलौता भाई था। घटना के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं। दर्री सीएसपी विमल पाठक ने बताया कि कुसमुंडा खदान की नीलकंठ कंपनी में वर्कशॉप में ड्रिल मशीन की मरम्मत के दौरान यह हादसा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है।
दो ट्रेलर वाहन आमने-सामने टकराए
इसी बीच शुक्रवार तड़के सुबह कुसमुंडा खदान क्षेत्र में एक और दुर्घटना सामने आई। यह घटना खदान के 14 नंबर कांटा के पास हुई, जहां कोयला परिवहन में लगे दो ट्रेलर वाहन आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
एक ट्रेलर के केबिन में चालक फंस गया, जिसे कटर की मदद से केबिन काटकर और टोइंग वैन से खींचकर बाहर निकाला गया। इस हादसे में दोनों ट्रेलर वाहनों में सवार कुल तीन लोग घायल हुए हैं।