
एसोसिएशन की मुख्य मांगों में से एक यह है कि धमतरी में आरटीओ कार्यालय होने के बावजूद ऑटो चालकों को फिटनेस जांच के लिए जिले से बाहर जाना पड़ता है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कार्यवाहक अध्यक्ष साहिल अहमद ने परिवहन विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि ऑटो का लगातार चालान काटा जा रहा है, जबकि ई-रिक्शा पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
साहिल अहमद ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को ‘होश में आने’ की चेतावनी दी और कहा कि यदि वे स्थिति नहीं संभाल सकते तो उन्हें दूसरे जिले में स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए। उनकी सात सूत्रीय मांगों में ई-रिक्शा के लिए फिटनेस, परमिट और लाइसेंस अनिवार्य करना भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बस स्टैंड पर खुलेआम शराब और गांजा बिकने, तथा शहर में चाकूबाजी की घटनाओं में वृद्धि पर भी चिंता व्यक्त की। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि अग्निवीर भर्ती के दौरान यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बस स्टैंड से इंडोर स्टेडियम का किराया 20 रुपए और अंबेडकर चौक से 10 रुपए निर्धारित है, लेकिन यात्रियों से क्रमशः 50 रुपए और 20 रुपए लिए जा रहे हैं। ऑटो चालकों की प्रमुख मांग है कि सड़कों पर ई-रिक्शा का संचालन बंद किया जाए।