सूरजपुर जिले के तीन सहकारी समितियों से दो करोड़ रुपए से अधिक का धान समितियों से गायब मिला

Chhattisgarh Crimesसूरजपुर जिले के तीन सहकारी समितियों से दो करोड़ रुपए से अधिक का धान समितियों से गायब मिला है। प्रशासनिक, खाद्य विभाग एवं मंडी की संयुक्त टीम ने जिले के सलका, चंदौरा और लटोरी समितियों की जांच की। जांच में बड़े पैमाने पर धान गायब होने का खुलासा हुआ है। समितियों के प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नोटिस जारी किया गया है। जिले में अब तक करीब 10 करोड़ रुपये का धान गायब मिला है।

सूरजपुर कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर सूरजपुर जिले में प्रशासन, मंडी और खाद्य विभाग की टीमें सहकारी समितियों की जांच कर रही है। पिछले दो दिनों में टीम ने तीन सहकारी समितियों की जांच की, जिसमें समर्थन मूल्य पर खरीदा गया धान गायब मिला। सहकारी समितियों के प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर गायब धान का हिसाब नहीं दे सके।

धान कम मिलने पर नोटिस जारी भैयाथान ब्लॉक अंतर्गत सलका समिति की जांच भैयाथान एसडीएम और खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम ने की। समिति में कुल खरीदी की दर्ज मात्रा से 4825 बोरी धान गायब मिला। जांच में 1930 क्विंटल धान कम पाया गया है, जिसकी कीमत 59 लाख 83 हजार रुपए से अधिक है।

प्रतापपुर ब्लॉक के चंदौरा समिति का संयुक्त टीम ने भौतिक सत्यापन किया। सत्यापन में 2045 बोरी धान कम पाया गया। कम मिले 818 क्विंटल धान की कीमत करीब 25 लाख 35 हजार रुपए है।

वहीं सूरजपुर ब्लॉक के लटोरी समिति के सत्यापन के दौरान समिति में 10919 बोरा धान कम मिला। गायब 4367 क्विंटल धान की कीमत एक करोड़ 35 लाख रुपए से अधिक है।

तीन समितियों के भौतिक सत्यापन में कुल दो करोड़ 19 लाख रुपए का धान गायब मिला है। समितियों के प्रभारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नोटिस जारी किया गया है।

पहले गायब मिला था सवा 7 करोड़ का धान सूरजपुर जिले में इसके पूर्व चार सहकारी समितियों और एक राइस मिल की जांच में 7 करोड़ 38 लाख रुपए का धान गायब मिला था।

प्रशासनिक टीम ने सावारावां, टुकुडांड, शिवप्रसादनगर और सूरजपुर खरीदी केंद्र का भौतिक सत्यापन किया था। इसके साथ ही दतिमा स्थित श्याम श्री एग्रो राइस मिल की जांच की जांच की थी। जांच में बड़े पैमाने पर धान गायब मिला था।

कागजों में खरीदी की आशंका सहकारी समितियों में कागजों में खरीदी की आशंका है। बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद समितियों के प्रबंधकों एवं गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी है।

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