
आरोप है कि कॉलेज के ठीक सामने संचालित डामर (अस्फाल्ट) फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं, धूल और प्रदूषित कण लगातार परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। यह धुआं बॉयस और गर्ल्स हॉस्टल तक पहुंच रहा है, जिससे विद्यार्थियों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएं हो रही हैं।
पढ़ाई में हो परेशानी के बाद सौंपा ज्ञापन
प्रदूषित वातावरण के कारण छात्रों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि 20 जनवरी से शुरू होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए वर्तमान स्थिति में अध्ययन करना अत्यंत कठिन हो गया है। यह समस्या उनके वर्तमान स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
जांच के बाद कार्रवाई की मांग
एबीवीपी ने ज्ञापन में डामर फैक्ट्री की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने और उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि कॉलेज परिसर को प्रदूषण मुक्त किया जा सके। परिषद के कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रदूषण से आम लोग भी प्रभावित हो सकते हैं और गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं, यदि जिला प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया।
इस दौरान अभाविप कार्यकर्ता अमरजीत सिंह राजपूत (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य), प्रदीप साहू (जिला संगठन मंत्री), सुमित साहू (नगर स्टडी सर्कल प्रमुख), शुभम सूर्यवंशी, अखिल खूंटे, प्रीति साव, अजय कश्यप, देवेंद्र साहू, झरना साहू, संजना मरावी, जान्हवी दिनकर, रंजना लिबर्टी, जितेश साहू, मंदीप सिंह मार्को सहित अन्य उपस्थित रहे।