
जांच में सामने आया है कि, राकेश जैन ने अवैध कोल लेवी से मिली करीब 40 करोड़ की ब्लैक मनी को शेल कंपनियों और बैंक खातों के जरिए डायवर्ट कर व्हाइट किया था। वह इस रकम को सूर्यकांत तिवारी और अनवर ढेबर तक पहुंचाता था।
घोटाले के आरोपी राकेश जैन रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद है। पहले भी राकेश जैन के खिलाफ रायपुर में 3 आपराधिक मामले दर्ज है। जिनमें एक प्रकरण में चालान पेश किया जा चुका है। दो केस में जांच जारी है।
कौन है राकेश जैन?
राकेश जैन मूलतः मुंबई का रहने वाला है। उसने सीए की पढ़ाई की है। वह करीब नौ साल पहले रायपुर आया और गुढ़ियारी में किराए के मकान में रहता था। इस दौरान उसने कई लोगों से जालसाजी की, लेकिन पकड़ा गया। उसी दौरान वह कांग्रेस सरकार के प्रभावशाली लोगों के संपर्क में आया और उनकी काली कमाई को वैध बनाने का काम करने लगा।
राकेश जैन छत्तीसगढ़ में हुए शराब और अवैध कोयला परिवहन घोटाले मामले का आरोपी है। जो इस घोटाले से होने वाली काली कमाई को वैध करना था। इसके बदले बद संबंधित कंपनियों से 10 प्रतिशत कमीशन लेता था।
ब्लैकमनी को व्हाइट दिखाने की कोशिश
जांच के दौरान EOW को पता चला कि, अवैध कोल लेवी की राशि ज्यादातर कैश में वसूली जाती थी, लेकिन जिन लोगों के पास कैश भुगतान की व्यवस्था नहीं होती थी, उनके लिए सूर्यकांत तिवारी के नेटवर्क ने शेल कंपनियों के जरिए लेन-देन की व्यवस्था कर रखी थी।
आरोप है कि, राकेश जैन ने कई फर्जी कंपनियों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर करीब 40 करोड़ रुपए की रकम को बैंकिंग चैनल के जरिए रूटिंग और लेयरिंग कर कैश में बदला। इस प्रक्रिया में फर्जी बिलिंग, अलग-अलग व्यावसायिक मदों के नाम पर भुगतान और कई खातों में ट्रांसफर कर असली सोर्स छिपाने की कोशिश की गई।
कई फर्मों के खातों में भेजी गई रकम
EOW की जांच में यह भी सामने आया है कि, बड़ी रकम अलग-अलग फर्मों के खातों में ट्रांसफर की गई। इनमें अनवर ढेबर से जुड़ी फर्मों के साथ आर.ए. कॉरपोरेशन, स्टार ट्रेडर्स, महावीर एंटरप्राइजेज, सृष्टि मिनरल्स, मार्श एंटरप्राइजेज, सोमवत्ती सेल्स और आर्या एंटरप्राइजेज शामिल हैं।
इन खातों से राशि को चरणबद्ध तरीके से निकालकर अवैध नेटवर्क के माध्यम से सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाया जाता था।
पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ चालान
इस मामले में EOW पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर चुकी है। जुलाई 2024 में 15 आरोपी सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर विश्नोई, शिवशंकर नाग, सदीप कुमार नायक, सूर्यकांत तिवारी, निखिल चंद्राकर, लक्ष्मीकांत तिवारी, हेमंत जायसवाल, चंद्रप्रकाश जायसवाल, शेख मोइनुद्दीन कुरैशी, पारेख कुर्रे, राहुल सिंह, रोशन कुमार सिंह और वीरेन्द्र जायसवाल शामिल हैं।
अक्टूबर 2024 में 2 आरोपी मनीष उपाध्याय और रजनीकांत तिवारी, अक्टूबर 2025 में 2 आरोपी देवेन्द्र डडसेना और नवनीत तिवारी, दिसंबर 2025 में 1 आरोपी जयचंद कोशले के खिलाफ पूरक चालान पेश किया गया था।
जानिए क्या है 570 करोड़ से ज्यादा का कोल स्कैम?
ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई थी।