तालाब में डूब रहे बच्चे की बचाई जान

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम मटिया (अर्जुंदा) में 2 अक्टूबर 2025 को तालाब में डूबे कक्षा पहली के छात्र ईशान यादव को अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर निकालकर जान बचाने वाली कक्षा 9वीं की छात्रा हेमाद्री चौधरी को राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार 2025 मिलेगा।

यह पुरस्कार 26 जनवरी 2026 को रायपुर में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में देकर सीएम सम्मानित करेंगे। प्रोत्साहन स्वरुप 25 हजार रुपए का चेक, प्रशस्ति पत्र, मेडल दिया जाएगा।

छात्रा के साहसिक काम को दैनिक भास्कर ने बाल दिवस पर 14 नवंबर 2025 को प्रकाशित किया था। जिसके बाद परिजनों व शाला प्रबंधन ने खबर कटिंग संलग्न कर आवेदन किया था।

प्रदेशभर से कई आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग, छग शासन ने साहसिक प्रेरणादायक कार्य को मान्यता देते हुए राज्य वीरता पुरस्कार 2025 के लिए छात्रा का चयन किया।

जान को जोखिम में डालकर बचाई जान

राज्य शासन के पहले स्थानीय स्तर पर ग्रामीण, छात्र के परिजन और बाल दिवस पर स्वामी आत्मानंद स्कूल प्रबंधन अर्जुंदा छात्रा को सम्मानित कर चुकी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य वीरता पुरस्कार के लिए जिले से एक छात्रा हिमाद्री का चयन हुआ है।

जो जिले भर के लिए गर्व की बात है। छात्रा ने खुद की जान को जोखिम में डालकर छात्र को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

‘फोन पर बात कर रहे युवक ने मदद नहीं की तो पानी में कूदी’

छात्रा हेमाद्री ने बताया कि 2 अक्टूबर दशहरा के दिन कोठार में सहेलियों के साथ रावण का पुतला बना रहें थे। इस दौरान 10 वर्षीय पूरब यादव आया और बताया कि छोटा भाई 6 वर्षीय कक्षा पहली का छात्र ईशान यादव तालाब में डूब गया है।

पानी में किसी प्रकार की हलचल नहीं हो रही है। जिसके बाद तालाब पार में मौजूद मोबाइल में बात कर रहें एक युवक को तालाब में कूदकर छात्र को बचाने निवेदन किया लेकिन युवक ने तालाब के अंदर जाने से मना कर दिया।

जिसके बाद मैं तालाब में कूदी। जहां लगभग 7 फीट पानी भरा था। अंदर दलदल की वजह से ईशान को ढूंढना काफी चुनौतीभरा रहा। ढूंढते हुए आगे बढ़ी तब पैर से वह टकराया। पैर के बल उसको धक्का दिया तो उफल गया।

जिसके बाद पार में निकालकर पेट को हिलाकर पानी को बाहर निकाला। वहां से उनके घर ले गए। परिजनों ने निजी डॉक्टर को दिखाया फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अर्जुंदा ले गए। वहां एक डॉक्टर ने तत्काल ऑक्सीजन लगाया।

गंभीर स्थिति को ध्यान में रखकर परिजन भिलाई के अस्पताल में ले गए। शंकराचार्य जुनवानी हॉस्पिटल में एक सप्ताह तक आईसीयू वार्ड में छात्र भर्ती रहा। डॉक्टरों के प्रयास से रिकवर होकर स्वस्थ हुआ।

बेटे को बचाने हेमाद्री ने खुद की जान जोखिम में डाल दिया – प्रीति (ईशान की मां)

ईशान की मां प्रीति ने बताया कि मेरे बेटे को बचाने हेमाद्री ने खुद की जान जोखिम में डाल दिया। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उनके घर जाकर नारियल देने गए थे। प्रोत्साहन स्वरुप 101 रुपए दिए। अस्पताल में जब बेटे का इलाज चला तब डॉक्टरों ने बताया था कि फेफड़ा में पानी भर गया था।

अगर हेमाद्री नहीं होती तो अनहोनी घटना हो सकती थी। जिन्होंने खुद की परवाह नहीं कर तालाब में कूदकर बेटे को बाहर निकाला। ईशान का इलाज करने वाले डॉक्टरों के अनुसार होठ काला हो चुका था, दो मिनट तक पानी में बच्चा रहता तो बचाना मुश्किल था।

छात्र अपने बड़े भाई पूरब व दोस्तों के साथ चुंबक पकड़कर तालाब में सिक्का ढुंढने के लिए घुसा था। इस दौरान दलदल में फंसकर गहराई में चला गया।

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