
किसानों का कहना है कि, बसंत अग्रवाल ने जमीन पर दो लेयर में बाउंड्रीवॉल बनवाकर खेतों तक आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है। इतना ही नहीं, नहर से खेतों तक आने वाली सिंचाई और निकासी की व्यवस्था भी बाधित कर दी गई है। नतीजा यह है कि किसान न तो अपनी जमीन तक पहुंच पा रहे हैं और न ही फसल ले पा रहे हैं।
महिला किसानों ने आरोप लगाया कि, बसंत अग्रवाल के नाम से दलाल गांव में घूम रहे हैं और कौड़ियों के भाव जमीन बेचने का दबाव बना रहे हैं। किसानों का कहना है कि रास्ता और पानी बंद होने से मजबूरी में उन्हें जमीन बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
सड़क को घेरकर बाउंड्रीवॉल का कराया निर्माण
किसान अपनी शिकायत लेकर रायपुर कलेक्टर के पास भी पहुंचे थे। अपने आवेदन में उन्होंने कहा कि, खेती और सिंचाई का काम नाले से मिलने वाले पानी और शासकीय धरसा मार्ग के जरिए होता था। आरोप है कि बसंत अग्रवाल ने धरसा वाली सड़क को घेरकर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कर दिया।
जिससे खेतों तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता बंद हो गया। इससे किसान अपने खेत के उपयोग और उपभोग से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। किसानों ने अवैध निर्माण हटाकर रास्ता बहाल करने की मांग की है।
जानिए किसानों ने क्या कहा ?
पीड़ित किसान देवकी वर्मा ने बताया कि, “हमारा साढ़े सात एकड़ का प्लॉट है। पहले एक घेरा किया गया, फिर दूसरा घेरा बनाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। अब खेत तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।”
राधिका वर्मा ने कहा, “हमारी 5 एकड़ जमीन है। इस साल खेती ही नहीं कर पाए। पानी निकलने की कोई जगह नहीं बची और सामने का रास्ता भी बंद कर दिया गया।”
भागवत प्रसाद नायक ने बताया, “मेरी साढ़े चार एकड़ कृषि भूमि है। प्लॉट तक जाने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। खेती के लिए कोई रास्ता नहीं छोड़ा गया।”
कौन हैं बसंत अग्रवाल
बसंत अग्रवाल भाजपा कार्यकर्ता और कारोबारी हैं। 2023 विधानसभा चुनाव में रायपुर पश्चिम से टिकट की दावेदारी पेश की थी। लेकिन भाजपा ने सीनियर नेता राजेश मूणत को चुनावी मैदान में उतारा था। मूणत ने जीत भी दर्ज की।
बसंत अग्रवाल ने आरोपों को बताया झूठा किसानों के आरोपों के बाद दैनिक भास्कर ने भाजपा कार्यकर्ता बसंत अग्रवाल से बात करके उनका पक्ष पूछा। बसंत अग्रवाल ने बताया, कि किसानों का आरोप गलत है। किसान जहां की जमीन के बारे में बात कर रहे है, वहां पर मेरी कोई जमीन नहीं है। यह आरोप झूठा है। मुझे जानकारी मिली है, कि किसान किसी की निजी जमीन तुडवाना चाहते है। उस जमीन को तुडवाने के लिए मेरे नाम का इस्तेमाल कर रहे है। वहां पर 10 फीट जमीन निजी जमीन के मालिक ने किसानों के लिए छोडी है।।