
मिली जानकारी के अनुसार, कोतरा रोड क्षेत्र में रहने वाला एक व्यवसायी छोटा टपरी होटल चलाता है। उसने दो अन्य व्यवसायियों के साथ मिलकर एक फेरी वाले से 100 पैकेट राजश्री गुटखा खरीदा था।
इसके बाद सिटी कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक लोमस राजपूत ने तीनों व्यवसायियों को थाने बुलाया। उन पर चोरी का गुटखा खरीदने का आरोप लगाया गया और मामले में फंसाने की धमकी दी गई। केस से बचाने के नाम पर प्रधान आरक्षक ने 50 हजार रुपए की मांग की।
डर के कारण टपरी संचालक ने 20 हजार रुपए नकद दे दिए। इसके बाद भी प्रधान आरक्षक ने 5 हजार रुपए और मांगते हुए दबाव बनाना शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर पीड़ित व्यवसायी ने पूरे मामले की लिखित शिकायत बिलासपुर आईजी से की।
हेड कांस्टेबल हुआ लाइन अटैच
पीड़ित ने अपनी शिकायत में हेड कांस्टेबल लोमस राजपूत के खिलाफ जांच की मांग की है। साथ ही उसने वसूले गए रुपए वापस दिलाने की भी मांग की। मामले की जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने हेड कांस्टेबल लोमस राजपूत को निलंबित कर रक्षित केंद्र लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया है।