तेलीबांधा तालाब यानी मरीन ड्राइव घूमने जाने वालों से अब नगर निगम पार्किंग शुल्क वसूलेगा

Chhattisgarh Crimesतेलीबांधा तालाब यानी मरीन ड्राइव घूमने जाने वालों से अब नगर निगम पार्किंग शुल्क वसूलेगा। निगम के इस निर्णय के बाद शहर में विरोध शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि मरीन ड्राइव शहर का प्रमुख घूमने-फिरने का स्थान है, ऐसे में यहां पार्किंग शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए। वहीं इस पूरे मामले पर महापौर का कहना है कि जो लोग 5 हजार–10 हजार रुपए खर्च कर रेस्टोरेंट और होटलों में आते हैं, उन्हें पार्किंग शुल्क देने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। महापौर के मुताबिक, रेस्टोरेंट और होटल में समय बिताने आने वाले लोग अपने वाहन अव्यवस्थित तरीके से खड़े कर देते हैं, जिससे ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था बिगड़ती है। इसी को नियंत्रित करने के लिए बाइक से आने वालों से 10 रुपए और कार से आने वालों से 20 रुपए पार्किंग शुल्क लेना जायज है।

 

महापौर ने यह भी स्पष्ट किया है कि मॉर्निंग वॉक करने वालों से किसी तरह का पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि निगम मॉर्निंग वॉक का समय किस अवधि तक मानेगा, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। नगर निगम के अनुसार, फिलहाल दोपहर 12 बजे के बाद पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है।

 

चार पहिया वाहन (4 घंटे): ₹20

 

दो पहिया वाहन (12 घंटे): ₹10

 

सुबह से दोपहर 12 बजे तक पार्किंग पूरी तरह फ्री

 

मॉर्निंग वॉक करने वालों को नहीं देना होगा पार्किंग शुल्क

 

निगम प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था अभी 15 दिन के ट्रायल के तौर पर लागू की गई है। ट्रायल अवधि के बाद पार्किंग शुल्क और टाइम स्लॉट को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। तत्कालीन महापौर एजाज ढ़ेबर के कार्यकाल में भी तेलीबांधा तालाब में पार्किंग शुल्क लेने की व्यवस्था रखी गई थी, जिसका भाजपा ने जोरदार विरोध किया था, हालाकि बाद में इस फैसले को वापस ले लिया गया था।

 

 

कांग्रेस का विरोध, राजस्व वसूली का आरोप

इधर कांग्रेस ने नगर निगम के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। PCC चीफ दीपक बैज ने इसे पूरी तरह गलत ठहराते हुए कहा कि नगर निगम सिर्फ राजस्व वसूली कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रायपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य नगर निगमों के पास भी पर्याप्त बजट नहीं है, इसलिए जनता से पैसा वसूला जा रहा है।

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