
बार-बार मांग के बाद भी नहीं बनी सड़क
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पक्की सड़क नहीं होने से बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। कीचड़ और दुर्गम रास्तों के कारण आपातकालीन सेवाएं गांव तक नहीं पहुंच पातीं। बालापानी गांव आदिवासी बृजिया समाज का है, जहां आज भी बुनियादी ढांचे का अभाव है। ग्रामीणों ने कई बार सड़क निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस मामले में जनपद पंचायत सीईओ अभिषेक पांडेय ने प्रशासन का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि गांव तक जाने के लिए कच्चा मार्ग मौजूद है, जिससे ट्रैक्टर और अन्य चार पहिया वाहन आते-जाते हैं। हालांकि, घाटी और चढ़ाई के कारण एम्बुलेंस वहां तक नहीं पहुंच पाई। शासन को भेजा गया सड़क का प्रस्ताव, मंजूरी का इंतजार
सीईओ पांडेय ने आगे बताया कि गांव के लिए सड़क निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। यह घटना ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी पर गंभीर सवाल उठाती है।