
बाद में योगेंद्र के दोस्त ने दिशा को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद अननोन नंबर मामले की जानकारी युवती की मां को दी। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, दिशा मरावी कॉलेज में पढ़ाई करती थी, जबकि मां मीना मरावी सरकारी स्कूल में लेक्चरर है। 2008 में पति से तलाक के बाद मां-बेटी अलग रहते थे। वहीं दिशा और सब्जी व्यापारी योगेंद्र साहू के बीच प्रेम संबंध था।
मां मीना मरावी के अनुसार, 24 जनवरी 2026 की दोपहर करीब 1:40 बजे मीना मरावी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि दिशा गंभीर रूप से जली हुई हालत में बिहान नर्सिंग होम में एडमिट है। बिलासपुर में इलाज के दौरान मौत
जानकारी मिलते ही मां अस्पताल पहुंची। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद दिशा को बेहतर उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया। दिशा को बर्न उपचार सुविधा वाले अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वहां आईसीयू में इलाज के दौरान 1 फरवरी को उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बिलासपुर के तारबाहर थाना में शून्य में केस दर्ज किया गया। इसके बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। हालांकि, अभी तक केस डायरी और रिपोर्ट सक्ती पुलिस को नहीं सौंपी गई है। मां बोली- होटल में बुलाकर तारपीन डालकर आग लगाई
मीना मरावी ने आरोप लगाया है कि योगेन्द्र कुमार साहू ने दिशा को होटल में बुलाया। वहां तारपीन तेल छिड़ककर उसे आग लगा दी गई। उन्होंने इस घटना में महेन्द्र कुमार सिदार और आशीष पटेल की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है।
अस्पताल ले जाते समय दिशा ने बताई घटना
मीना मरावी के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय दिशा ने बताया था कि उसे बाराद्वार रोड स्थित होटल में बुलाया गया था। वहां विवाद के बाद उसके साथ मारपीट की गई और फिर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई।
युवती की मां का दावा है कि आरोपी ने दिशा को धमकाकर घटना को किसी और जगह हुई बताने का दबाव भी बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि दिशा का मरने से पहले बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) लिया गया था या नहीं। अगर बयान लिया गया, तो परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।