
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता। उन्होंने छात्रों को समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) का महत्व समझाया। कलेक्टर ने कहा, अपनी रुचि के अनुसार करियर का चुनाव करें। एक बार लक्ष्य निर्धारित होने के बाद, सोशल मीडिया और अन्य भटकाव वाली चीजों से दूर रहकर पूरी एकाग्रता से पढ़ाई करें। पुलिस अधीक्षक ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है। उन्होंने खाकी और सिविल सर्विसेज में आने की इच्छा रखने वाले छात्रों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी। एसपी ने कहा, असफलता से डरें नहीं, बल्कि उससे सीखकर दोगुनी ताकत से प्रयास करें।सेमिनार के अंतिम चरण में एक खुला संवाद (ओपन सेशन) आयोजित हुआ। इसमें विद्यार्थियों ने अधिकारियों से सीधे सवाल पूछे। छात्रों ने तनाव से कैसे निपटने और तैयारी कब शुरू करें, जैसे सवाल किए, जिनका अधिकारियों ने बेहद सरल औरव्यावहारिक उदाहरणों के साथ जवाब देकर उनकी शंकाओं को दूर किया।