
जांच में पता चला कि उसे टीजीए, वीएसडी और नसों के संकुचित होने जैसी गंभीर समस्याएं हैं। उसे सांस लेने और दूध पीने में भी परेशानी होती थी। आर्थिक तंगी बनी बड़ी समस्या
रुद्रांश के माता-पिता सविता और जयरामदास मानिकपुरी आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उनके लिए दिल्ली में इलाज कराना संभव नहीं था। उन्होंने कई लोगों से मदद मांगी, लेकिन कहीं से खास सहयोग नहीं मिला।
विधायक ने उठाया पूरा खर्च
आखिरकार परिवार ने वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन से संपर्क किया। बताया जाता है कि परिवार उनके क्षेत्र का निवासी भी नहीं है, फिर भी विधायक ने पूरी जिम्मेदारी ली। उन्होंने इलाज, दिल्ली आने-जाने, रहने और दवाइयों का पूरा खर्च उठाया। 2024 से चल रहा था इलाज
इलाज की प्रक्रिया दिसंबर 2024 से शुरू हुई। दिल्ली के एम्स दिल्ली में लगातार जांच, काउंसलिंग और डॉक्टरों की निगरानी में उपचार चला। इस दौरान लगभग 18 बार दिल्ली आना-जाना पड़ा। हर बार यात्रा, ठहरने और दवाओं का खर्च विधायक ने उठाया है।
2026 में हुई ओपन हार्ट सर्जरी
19 फरवरी 2026 को दिल्ली के अस्पताल में रुद्रांश की जटिल ओपन हार्ट सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद वह तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रहा। अभी वह आईसीयू में है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है।
विधायक रिकेश सेन रोज फोन पर डॉक्टरों और परिवार से बच्चे की सेहत की जानकारी ले रहे हैं।