अंबिकापुर में राममंदिर रोड स्थित मुकेश प्लास्टिक-पटाखा होलसेल दुकान में लगी भीषण आग के बाद नगर निगम आयुक्त ने क्षतिग्रस्त तीन मंजिला भवन को 24 घंटे के भीतर तोड़ने का आदेश जारी किया

Chhattisgarh Crimesअंबिकापुर में राममंदिर रोड स्थित मुकेश प्लास्टिक-पटाखा होलसेल दुकान में लगी भीषण आग के बाद नगर निगम आयुक्त ने क्षतिग्रस्त तीन मंजिला भवन को 24 घंटे के भीतर तोड़ने का आदेश जारी किया है। गुरुवार को लगी इस आग के कारण इमारत का एक हिस्सा ढह गया, जबकि पूरा भवन फिलहाल केवल दो कॉलम के सहारे खतरनाक स्थिति में खड़ा है। आसपास के लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

 

इस घटना की जांच के लिए कलेक्टर की ओर से गठित टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले सकती है। बताया जा रहा है कि आग इतनी भयंकर थी कि तीन मंजिला मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के आधा दर्जन घर भी इसकी चपेट में आ गए।

 

रविवार शाम तक भी बिल्डिंग के बेसमेंट में आग सुलगती रही। फिलहाल जर्जर हालत में खड़ी इमारत से आसपास के घरों को गंभीर खतरा बना हुआ है। 24 घंटे में डिसमेंटल का आदेश

 

नगर निगम आयुक्त डीएन कश्यप ने इस बिल्डिंग को खतरनाक श्रेणी में घोषित किया है। रविवार 26 अप्रैल की शाम आयुक्त ने संचालक मुकेश अग्रवाल को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर असुरक्षित भवन को सुरक्षित तरीके से हटाने का आदेश दिया है।

 

अगर 24 घंटे के भीतर बिल्डिंग को सुरक्षित तरीके से डिसमेंटल नहीं किया गया, तो नगर निगम खुद कार्रवाई करेगा। आज पहुंच सकती है जांच टीम

 

आगजनी में आसपास के आधा दर्जन घर भी इसकी चपेट में आ गए। इनमें से एक प्रभावित प्रतुल्य पांडेय की शिकायत पर पुलिस ने मुकेश पटाखा एजेंसी के संचालक मुकेश अग्रवाल और उनके करीबी रिश्तेदार प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

 

आगजनी के दौरान बिल्डिंग में बड़े पैमाने पर पटाखों के विस्फोट हुए। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरगुजा कलेक्टर ने घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है, जिसमें एसडीएम, सीएसपी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

 

टीम ने जांच शुरू नहीं की है। इधर बिल्डिंग को डिसमेंटल का आदेश जारी हो गया है। सोमवार को जांच टीम मौके पर पहुंच सकती है। टीम बिल्डिंग में आगजनी के कारणों, सुरक्षा उपायों और विशेष रूप से विस्फोटक अधिनियम की अवहेलना की जांच करेगी। इस मामले में लापरवाही मिली तो प्रशासन भी अलग से एफआईआर दर्ज करा सकता है

Exit mobile version