
परिजनों के अनुसार, इंदु जब पहली बार डॉक्टर के क्लिनिक पहुंचीं तो वो वहां मौजूद नहीं थे। जिसके बाद घर लौट आई। थोड़ी देर बाद डॉक्टर के लौटने की जानकारी मिलने पर इंदु दोबारा उसके पास गई।
उल्टी की और बेहोश हो गई
डॉक्टर जयंत साहू ने बताया कि, इंदु को सर्दी-खांसी और सीने में दर्द थी, बीपी चेक किया। खाना नहीं खाई थी, इसलिए ज्यादा कुछ इलाज नहीं कर पाऊंगा बोला। वो करीब 15-20 मिनट तक उनके पास रुकीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उल्टी होने लगी। बिना डिग्री 17 साल से कर रहा इलाज
चक्कर आने के बाद गिरकर बेहोश हो गई। महिला को पानी पिलाया। जिससे वह कुछ देर के लिए होश में आईं, लेकिन फिर से बेहोश हो गईं। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी भेज दिया। डॉक्टर जयंत साहू ने स्वीकार किया है कि, उनके पास डिग्री नहीं है। करीब 17 साल से इलाज कर रहा है।
पति की गोद पर बेहोश पड़ी थी पत्नी- सास
महिला की सास कांति साहू ने बताया कि, जब उनकी बहू देर तक घर नहीं लौटी तो वह डॉक्टर के यहां देखने गई थी। वहां इंदु अपने पति की गोद पर अचेत अवस्था में थी। इसके बाद उसे तत्काल पलारी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही इंदु की मौत हो चुकी थी। महिला के नाक से झाग और खून दोनों निकला है। बीएमओ डॉ पंकज वर्मा के अनुसार महिला को लेकर अस्पताल पहुंचने वालों में कथित डॉक्टर जयंत साहू भी शामिल था। बिना पीएम कराए शव ले गए
इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी अस्पताल के बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि, गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे महिला के शव को लाया गया था। परिवार वाले करीब 4 घंटे तक अस्पताल में ही आपस में बातचीत करते रहे। शाम 6 बजे उन्होंने पोस्टमॉर्टम न कराने का लिखित आवेदन दिया। जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।